
आजमगढ़। नगर पंचायत बूढ़नपुर में शनिवार को विजय सुपर स्पेशियलिटीज हॉस्पिटल की ओर से मधुमेह (डायबिटीज) जागरूकता एवं स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बूढ़नपुर को मधुमेह मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान लोगों को डायबिटीज से बचाव, संतुलित जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नरसिंह वर्मा ने कहा कि मधुमेह तेजी से फैलने वाली गंभीर बीमारी बन चुकी है और इससे बचाव के लिए जनजागरूकता सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत एक गांव को गोद लिया गया है, जहां मरीजों को निःशुल्क परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बूढ़नपुर से शुरू हुआ यह अभियान आगे अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंचाया जाएगा। विशिष्ट अतिथि डॉ. अजय तिवारी ने कहा कि भारत तेजी से डायबिटीज की चपेट में आ रहा है। यदि समय रहते लोग सतर्क नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियों पर इसका गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि लोगों को जागरूक करने के लिए गांव-गांव विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. मनीष त्रिपाठी ने कहा कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनावमुक्त जीवनशैली और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से मधुमेह पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अनियमित दिनचर्या, गलत खान-पान और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग के कारण युवा भी तेजी से इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। डॉ. रजनी त्रिपाठी ने महिलाओं से जुड़ी विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं कार्यक्रम के आयोजक डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि उनका लक्ष्य बूढ़नपुर को मधुमेह मुक्त बनाना है। इसी उद्देश्य से कार्यशाला के दौरान करीब 100 मरीजों को निःशुल्क ग्लूकोमीटर वितरित किए गए, जबकि 200 से अधिक मरीजों की मुफ्त जांच कर आवश्यक दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया गया। आगे उन्होंने बताया कि गोद लिए गए गांव के मरीजों का पूरी तरह निःशुल्क उपचार किया जाएगा। साथ ही बूढ़नपुर वार्ड नंबर-7 के मरीजों को नियमित जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि क्षेत्र को मधुमेह मुक्त बनाने के अभियान को सफल बनाया जा सके। कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि गुडलक सिंह, डॉ. अक्षी सिंह, डॉ. पवन पांडेय, अमित सिंह, बाल गोविंद, महेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
