
रिपोर्ट_____राजू कुमार
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया में मानसून की दस्तक से पहले ही विकासखंड क्षेत्र की गोविंदपुर ग्राम पंचायत में जल निकासी और साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में न तो पर्याप्त नालियों का निर्माण कराया गया है और न ही नियमित सफाई की व्यवस्था है, जिसके चलते हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों के विकास और स्वच्छता पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, लेकिन गोविंदपुर में विकास कार्य धरातल पर नजर नहीं आते। गांव निवासी सीमा ने बताया कि वह पिछले करीब दस वर्षों से जर्जर झोपड़ी में परिवार के साथ रहने को मजबूर हैं, लेकिन अब तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। बरसात के मौसम में उनके परिवार के सामने सुरक्षित आवास का संकट खड़ा हो जाता है। ग्रामीण राधेश्याम विश्वकर्मा ने बताया कि गांव में नालियों का अभाव होने के कारण बारिश का पानी सीधे खेतों में पहुंच जाता है, जिससे किसानों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। कमलावती के अनुसार जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है और जगह-जगह गड्ढों में जमा पानी लोगों को खुद हाथों से निकालना पड़ता है। पूनम ने बताया कि आवास योजना के लिए कई बार अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया, लेकिन आज तक उन्हें किसी प्रकार का लाभ नहीं मिला। उनका परिवार भी टूटे-फूटे मकान में रहने को विवश है। वहीं विवेचन मौर्य, जयराम विश्वकर्मा और कोमई सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में सफाईकर्मी नियमित रूप से नहीं आते। जो नालियां बनी हुई हैं, वे भी लंबे समय से जाम पड़ी हैं, जिससे घरों और सड़कों के सामने गंदा पानी जमा रहता है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई नालियों पर सुरक्षा के लिए पटिया नहीं रखी गई है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए गांव में जल्द नाली निर्माण, नियमित सफाई व्यवस्था तथा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है। वहीं इस संबंध में खंड विकास अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। संबंधित पंचायत को निर्देश देकर जांच कराई जाएगी तथा गांव में साफ-सफाई कराकर जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
