रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। लोक दायित्व संस्था के तत्वावधान में “रघुभूमि से तपोभूमि तक” नदी यात्रा का आयोजन 29 जून से 1 जुलाई तक किया जाएगा। यह यात्रा भगवान श्रीराम द्वारा महर्षि विश्वामित्र के साथ तय किए गए ऐतिहासिक एवं पावन मार्ग पर आयोजित होगी। यात्रा का शुभारंभ 29 जून को प्रातः सरयू स्नान के उपरांत नया घाट, अयोध्या धाम से होगा तथा समापन 1 जुलाई को सिद्धाश्रम (बक्सर) में किया जाएगा। पहले दिन यात्रा जनपद के भैरो नाथ धाम पहुंचेगी जहां महा आरती का आयोजन होगा । यात्रा का मार्ग अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया होते हुए बक्सर तक निर्धारित किया गया है। इस यात्रा का उद्देश्य भगवान श्रीराम के आगमन स्थलों का संरक्षण एवं संवर्धन, सरयू और तमसा नदियों को स्वच्छ एवं अविरल बनाने के प्रति जनजागरण, ऐतिहासिक स्थलों, कथाओं, शिलालेखों एवं जनश्रुतियों का तथ्य संकलन, सांस्कृतिक चेतना का विस्तार तथा नदी तटों पर वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। यात्रा संयोजक पवन कुमार ने अधिक से अधिक लोगों से इस पुण्य अभियान में सहभागिता करने की अपील करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, नदियों और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का एक जनआंदोलन है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु, सामाजिक संगठन, युवा और आम नागरिक पदयात्रा, सेवा, सहयोग अथवा जनजागरण के माध्यम से इस अभियान से जुड़कर इसे सफल बनाएं। आगे उन्होंने कहा कि “आइए, मिलकर सरयू और तमसा को जीवंत, निर्मल और पावन बनाने का संकल्प लें तथा भगवान श्रीराम के पदचिह्नों से जुड़े इस ऐतिहासिक मार्ग के संरक्षण में अपना योगदान दें।”