
रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले की पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए हत्या, लूट, डकैती और गैंगस्टर जैसे गंभीर मामलों के आरोपियों की जमानत कराने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना जीयनपुर पुलिस ने इस मामले में वांछित आरोपी दयाराम को गिरफ्तार किया है, जिसने पांच जिलों में कुल 18 अभियुक्तों की फर्जी जमानत कराई थी। वहीं पुलिस के अनुसार, 30 मई 2026 को कचहरी चौकी प्रभारी द्वारा दी गई तहरीर में खुलासा हुआ था कि कुछ तथाकथित जमानतदार कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी अभिलेखों के आधार पर गंभीर अपराधों में बंद अभियुक्तों की जमानत करवा रहे हैं। जांच में सामने आया कि एक ही जमानतदार कई अभियुक्तों की जमानत एक जैसे दस्तावेजों के आधार पर करा रहा था, जिससे संगठित गिरोह की गतिविधियों का पता चला। इस मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। इसी क्रम में जीयनपुर पुलिस ने 3 जून की रात जमसर स्थित रॉयल स्टार ढाबा के बाहर से आरोपी दयाराम पुत्र जानकी प्रसाद निवासी रामपुर कला, थाना कोतवाली टांडा, जनपद अंबेडकरनगर को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने फर्जी आधार कार्ड, खतौनी और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के सहारे अंबेडकरनगर, आजमगढ़, बस्ती, गोंडा और गोरखपुर जनपदों में कुल 18 अभियुक्तों की जमानत कराई थी। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
बरामद सामान
आठ विभिन्न प्रकार की मोहरें, एक इंक पैड,चार खतौनी की प्रतियां, आठ आधार कार्ड, एक आधार कार्ड की छायाप्रति ,एक सादा कागज
पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर गंभीर अपराधियों को फर्जी जमानत दिलाने का काम कर रहा था। मामले में आगे की जांच जारी है और जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
