
रिपोर्ट_____SP त्रिपाठी
आजमगढ़। शासन की प्राथमिकता वाले संपूर्ण समाधान दिवस में जनता की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के दावों के बीच आजमगढ़ की सदर तहसील से सामने आई तस्वीरों ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को आयोजित समाधान दिवस के दौरान कुछ अधिकारी और कर्मचारी फरियादियों की शिकायतें सुनने के बजाय मोबाइल पर रील देखते नजर आए, जबकि कई विभागों के अधिकारी बैठक के दौरान ऊंघते और नींद लेते दिखाई दिए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। मिला जानकारी के अनुसार, सदर तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान फरियादी अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचे, लेकिन कुछ अधिकारी और कर्मचारी मोबाइल में व्यस्त दिखाई दिए। वायरल वीडियो में एक सब-इंस्पेक्टर टोपी की आड़ में मोबाइल रखकर रील देखते हुए कैमरे में कैद हुआ। वहीं, कैमरे की मौजूदगी का एहसास होते ही कुछ अन्य कर्मचारी सतर्क हो गए। वहीं शासन के निर्देशों के अनुसार संपूर्ण समाधान दिवस का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अधिकारियों की संयुक्त उपस्थिति में जनता की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में बैठक के दौरान अधिकारियों का मोबाइल पर व्यस्त रहना और कुछ का ऊंघते दिखाई देना व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है।बताया जा रहा है कि इस बार शनिवार को प्रस्तावित समाधान दिवस यूपीटीईटी परीक्षा के कारण सोमवार को आयोजित किया गया था। सूत्रों के मुताबिक इससे पहले भी समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों के मोबाइल में व्यस्त रहने के मामले सामने आ चुके हैं, जिन पर चेतावनी और नोटिस जारी किए गए थे। मामले पर सदर एसडीएम ने कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की शिकायत या प्रमाण दोबारा सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।प्रशासन की जवाबदेही और जनता के प्रति संवेदनशीलता को लेकर उठे इन सवालों के बीच अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वायरल वीडियो के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है।
