
रिपोर्ट___SP त्रिपाठी
आजमगढ़। जिले में युवक के अपहरण के बाद हत्या किए जाने के बहुचर्चित मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने आरोपी मां-बेटे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर तीन-तीन लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट-1) अमर सिंह ने सोमवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी ओम प्रकाश राजभर मूल रूप से बलिया जनपद के बांसडीह के निवासी हैं और मेहनगर कस्बे में किराए के मकान में रह रहे थे। उनका 18 वर्षीय पुत्र ओजस कुमार 24 जनवरी 2022 की शाम करीब 5 बजे घर से सामान लेने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन सुबह ओम प्रकाश के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें बेटे के अपहरण की सूचना देते हुए 35 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और रकम न देने पर हत्या की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान वादी के संदेह के आधार पर पुलिस ने मेहनगर थाना क्षेत्र के गौरा गांव निवासी वतन सिंह उर्फ राजा सिंह को हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर 25 जनवरी 2022 की रात पुलिस ने ओजस कुमार का शव बरामद कर लिया। पूछताछ में वतन सिंह ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उसने किसी को गोली मारी थी, जिसका वीडियो ओजस कुमार ने बना लिया था और उसी के आधार पर वह उसे ब्लैकमेल कर रहा था। इसी वजह से वतन सिंह और उसकी मां सत्यभामा सिंह ने मिलकर ओजस की हत्या कर शव को अपने खेत में छिपा दिया। पुलिस ने जांच पूरी कर दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अश्विनी राय ने कुल छह गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने वतन सिंह उर्फ राजा सिंह और उसकी मां सत्यभामा सिंह को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और प्रत्येक को तीन लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
