रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। मोहर्रम की 9वीं तारीख के अवसर पर अखिल भारतीय अल्पसंख्यक अधिवक्ता एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एवं भाजपा नेता रिजवान कैसर ने कर्बला के संदेश को पूरी मानवता के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि “इस्लाम ज़िंदा होता है हर कर्बला के बाद।”आगे उन्होंने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के नवासे हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध अपने परिवार और साथियों सहित सर्वोच्च बलिदान देकर यह सिद्ध कर दिया कि सत्य और इंसाफ की रक्षा के लिए हर कुर्बानी छोटी होती है। अधिवक्ता रिजवान कैसर ने कहा कि कर्बला केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि सत्य, धैर्य, साहस, भाईचारे और इंसाफ का अमर संदेश है। इमाम हुसैन (अ.स.) ने सत्ता के सामने झुकने के बजाय सत्य का मार्ग चुना और अपने बलिदान से पूरी दुनिया को यह सीख दी कि अन्याय के सामने कभी समझौता नहीं करना चाहिए।उन्होंने कहा कि मोहर्रम का पवित्र महीना हमें आपसी सौहार्द, शांति, प्रेम और मानव सेवा की प्रेरणा देता है। समाज के सभी वर्गों को कर्बला के संदेश को अपनाते हुए सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।अंत में उन्होंने सभी लोगों से मोहर्रम के अवसर पर शांति एवं सौहार्द बनाए रखने तथा इमाम हुसैन (अ.स.) की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने की अपील की।