आज़मगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  के शताब्दी वर्ष के अवसर पर नगर के एक निजी स्कूल में बुधवार की रात संघ शताब्दी दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ‘विचार-परिवार कुटुम्ब स्नेह मिलन’ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और उनके परिवारजनों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में भारत माता की भव्य आरती की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य परिवारों में संस्कार और एकता को बढ़ावा देना था। इसमें परिवारिक मूल्यों, विचारशील जीवन और समाज में सेवा की महत्ता पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने बच्चों, बुजुर्गों और युवा स्वयंसेवकों के साथ मिलकर विभिन्न सांस्कृतिक और शिक्षाप्रद गतिविधियों में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि परिवार ही समाज की सबसे पहली पाठशाला है, और इसी में संस्कार और जिम्मेदारी का विकास होता है। उन्होंने यह भी बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के आयोजन का मुख्य उद्देश्य न केवल विचारों का प्रसार है, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है।

इस अवसर पर दीप प्रज्ज्वलन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ  का आयोजन  हुआ। स्वयंसेवकों ने मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरी सहभागिता दिखाई। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर इस शताब्दी वर्ष को यादगार बनाने और परिवार के महत्व को समझाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रान्त प्रचारक रमेश जी, सह प्रान्त प्रचारक  सुरजीत जी, प्रान्त कार्यवाह विनय जी, विभाग प्रचारक दीनानाथ जी, जिला प्रचारक रमाकांत जी सहित हज़ारों स्वंयसेवक और परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।