रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़। आज़मगढ़ की साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी “PM KISAN YOJANA (.APK)” ऐप और इन्वेस्टमेंट स्कीम के जरिए 110 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक अंतर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया है। लखनऊ में छापेमारी कर पुलिस ने गैंग के 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया और 23 मोबाइल फोन, 15 सिम, 14 एटीएम कार्ड व दो कारें बरामद कीं।
थाना साइबर क्राइम आज़मगढ़ की टीम ने इस नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया। जांच के दौरान पता चला कि यह गैंग अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। जांच की शुरुआत में पुलिस ने पहले परवेज अंसारी और मो. कलीम को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से मिले तकनीकी इनपुट ने खुलासा किया कि मुख्य वांछित समद उर्फ इमरान, लखनऊ में अपने साथियों के साथ किसी बड़े साइबर फ्रॉड की तैयारी कर रहा है। इस सूचना पर पुलिस टीम लखनऊ पहुंची और हुसड़िया चौराहे के पास दबिश देकर समद उर्फ इमरान और अर्जुन सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर GMC होटल और Precious BNB होटल में छापेमारी की गई, जहां से कुल 13 आरोपी पकड़े गए। इसी कार्रवाई के दौरान होटल में पहुँची I-20 कार से आए तीन अन्य युवक मोनू चौरसिया, सुल्तान अंसारी और बृजेश कुमार—को भी हिरासत में ले लिया गया। इस तरह पुलिस ने कुल 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ और इलेक्ट्रॉनिक विश्लेषण के दौरान गैंग का पूरा तरीका सामने आया। गैंग Instagram ID Accountwala 9334 के जरिए लोगों को अपने बैंक खाते, एटीएम और सिम उपलब्ध कराने पर मोटा कमीशन देने का लालच देता था। खातों की जानकारी लेने के बाद गैंग PM Kisan और E-Challan के नाम पर फर्जी APK भेजकर पीड़ितों के मोबाइल हैक करता था और बैंक खातों से रकम उड़ा लेता था।
पकड़े गए मोबाइलों की जांच में पुलिस को 121 बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मिली है, जिनमें से 31 खाते संदिग्ध पाए गए। वहीं 186 शिकायतें NCRP पर दर्ज मिली हैं, जिनमें नैनीताल, रुद्रपुर और आंध्रप्रदेश की शिकायतें शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गैंग अन्य राज्यों में जाकर एटीएम से निकासी करता था ताकि पकड़ में न आए।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अभियुक्तों ने पूछताछ में अपराध कबूल करते हुए कहा कि वे एक संगठित साइबर क्राइम नेटवर्क का हिस्सा हैं। पुलिस ने इनके पास से 23 मोबाइल फोन, 15 सिम, 14 एटीएम कार्ड, कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और दो कारें I-20 और ग्रैंड विटारा बरामद कीं। कागजात न होने पर दोनों वाहनों को एमवी एक्ट में सीज किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में इमरान अली उर्फ समद, रामपुर, सुल्तान अंसारी, झारखंड—अंकित कुमार, दिल्ली—सरफराज, छत्तीसगढ़—आदेश सिंह, कानपुर उ0प्र—अमन प्रताप निषाद, सोनभद्र उ0प्र—विनायक मालवीय, सोनभद्र उ0प्र—अर्जुन सिंह, सोनभद्र उ0प्र—अमित सिंह, गाजीपुर उ0प्र—चन्द्रभूषण सिंह, गाजीपुर उ0प्र—अतुल सिंह चौहान, शाहजहाँपुर उ0प्र—अतुल आनन्द, चन्दौली उ0प्र—पकंज पाण्डेय, चन्दौली उ0प्र—अभिनव उर्फ मोनू चौरसिया, गोरखपुर उ0प्र—बृजेश कुमार, कैमूर बिहार शामिल है।
