रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद जासमीर अंसारी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। 25 सितंबर को उनकी नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की गई।

समाजवादी पार्टी की ओर से जासमीर अंसारी को दी गई इस जिम्मेदारी को सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और पीडीए की राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। इसी क्रम में आजमगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष सरफराज आलम मंसूर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार जताया है।

सरफराज आलम मंसूर ने कहा कि लंबे समय से समाज के बीच यह सवाल उठता रहा है कि पसमांदा समाज के लिए राजनीतिक स्तर पर क्या कदम उठाए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, जासमीर अंसारी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दिया जाना इस सवाल का राजनीतिक जवाब है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने पसमांदा समाज और पूरे मुस्लिम समाज के सम्मान को बढ़ाने का काम किया है। इसके लिए वह उनका कोटि-कोटि आभार व्यक्त करते हैं।

जासमीर अंसारी से जल्द मुलाकात की तैयारी

सरफराज आलम मंसूर ने बताया कि वह जल्द ही लखनऊ जाकर नेता प्रतिपक्ष मोहम्मद जासमीर अंसारी से मुलाकात के लिए समय लेंगे। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में पसमांदा और मुस्लिम समाज के लोगों को चुनाव के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि यदि जासमीर अंसारी से समय मिलता है तो उन्हें आजमगढ़ बुलाकर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव और प्रदेश की उन्नति से जुड़े मुद्दों पर लोगों से संवाद कराया जाएगा।

बाइट — सरफराज आलम मंसूर, अध्यक्ष नगर पालिका आजमगढ़

2022 में विधान परिषद सदस्य बने थे जासमीर अंसारी

मोहम्मद जासमीर अंसारी सीतापुर के लहरपुर क्षेत्र से आते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वह वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए थे। विधान परिषद की वेबसाइट पर उनका नाम समाजवादी पार्टी के सदस्य के रूप में दर्ज है। नियुक्ति से पहले वह विधान परिषद में सपा के उपनेता की भूमिका में थे।

जासमीर अंसारी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने के बाद सपा के भीतर इसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं आजमगढ़ में नगर पालिका अध्यक्ष सरफराज आलम मंसूर की प्रतिक्रिया के बाद इस फैसले को लेकर स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। सरफराज आलम मंसूर ने कहा कि आने वाले समय में आजमगढ़ में पसमांदा और मुस्लिम समाज के लोगों के बीच संवाद और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा।