रिपोर्ट____SP त्रिपाठी

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने आजमगढ़ जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक युवक को गिरफ्तार किया है। एटीएस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल था और सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित कर आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार कर रहा था।एटीएस को लगातार सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकवादी संगठनों से जुड़े तत्व पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क के माध्यम से भारत में युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को धन का लालच देकर और धार्मिक भावनाएं भड़काकर उन्हें स्लीपर सेल के रूप में तैयार किया जा रहा था, जिससे देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता था। वहीं जांच के दौरान एटीएस ने इलेक्ट्रॉनिक और भौतिक सर्विलांस के आधार पर मोहम्मद शेख पुत्र रेहान अहमद निवासी खुदादादपुर, पोस्ट संजरपुर, थाना निजामाबाद, जनपद आजमगढ़ की पहचान की। जांच में सामने आया कि वह शहजाद भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़े पाकिस्तानी एवं दुबई के मोबाइल नंबरों तथा सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से संपर्क में था। एटीएस के मुताबिक मोहम्मद शेख शहजाद भट्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर जिहाद संबंधी गतिविधियों की चर्चा करता था तथा अन्य युवाओं को भी इस नेटवर्क में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा था। उसे शहजाद भट्टी के अलावा उसके सहयोगी अजमल गुजर और रजा पाकिस्तानी द्वारा भी संचालित किया जा रहा था। एटीएस के अनुसार शहजाद भट्टी गैंग के हैंडलरों ने मोहम्मद शेख को एक अन्य राज्य की राजनीतिक पार्टी की महिला नेत्री को धमकाने और उनकी हत्या करने का जिम्मा सौंपा था। बताया गया कि यह उसके लिए एक “ट्रायल मिशन” था, जिसके सफल होने पर उसे बड़े मिशनों में शामिल किया जाना था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इस योजना को अंजाम देने की तैयारी में जुटा था और एक 9 एमएम पिस्टल तथा चार कारतूस की व्यवस्था भी कर चुका था। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो कोई गंभीर घटना घट सकती थी। एटीएस ने दावा किया है कि मोहम्मद शेख अपने आसपास के युवाओं को भी इस आतंकी नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। उसके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। फिलहाल एटीएस आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे नेटवर्क के भारत में फैले संभावित संपर्कों की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानकर आगे की कार्रवाई में जुटी हैं।