आजमगढ़। जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के शिकार हुए एक व्यक्ति को पुलिस की त्वरित कार्रवाई से ₹25,000 की पूरी राशि वापस मिल गई। थाना कप्तानगंज पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तत्परता दिखाते हुए यह सफलता हासिल की।

मिली जानकारी के अनुसार बीते, 27 सितंबर  को रामदरश विश्वकर्मा पुत्र श्यामकेर विश्वकर्मा निवासी बनकट जगदीश (कोइरीपुर), थाना कप्तानगंज, जनपद आजमगढ़ के मोबाइल से उनके ही एक सहकर्मी द्वारा फोनपे के माध्यम से ₹25,000 बिना अनुमति के अपने खाते में स्थानांतरित कर लिए गए थे।

पीड़ित ने तत्काल थाना कप्तानगंज के साइबर हेल्प डेस्क में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर पंजीकृत किया (Ack No. 23109250150300)। तत्पश्चात साइबर हेल्प डेस्क ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से राशि को होल्ड करा दिया।

पुलिस की मेहनत और सतर्कता से संबंधित खाते (India Post Payments Bank, नई दिल्ली, खाता संख्या – 05561024***) से संपर्क कर ₹25,000 की पूरी राशि आवेदक को वापस करा दी गई। पैसे मिलने पर पीड़ित ने कप्तानगंज पुलिस को धन्यवाद दिया।
कप्तानगंज पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन फ्रॉड की घटना होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस ने कहा कि लोग पासवर्ड, ओटीपी या बैंक विवरण किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध लिंक, ईमेल या संदेशों पर क्लिक करने से बचें।
इसके साथ ही ऑनलाइन लेनदेन करते समय केवल सुरक्षित वेबसाइटों या अधिकृत ऐप्स का उपयोग करने और अंजान नंबरों से आने वाली कॉल्स पर सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी गई है। पुलिस ने कहा कि जागरूक रहकर ही साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।