रिपोर्ट____अरुण यादव

आजमगढ़। जिले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों और फाउंडेशन क्लासेज पर अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अजय कुमार ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना पंजीकरण संचालित सभी कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही जल्द ही जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे संस्थानों की जांच की जाएगी।

डीआईओएस ने कहा कि अब बिना पंजीकरण कोई भी कोचिंग संस्थान या फाउंडेशन क्लासेज संचालित नहीं किए जा सकेंगे। यदि कोई संस्थान निर्धारित मानकों को पूरा किए बिना अथवा बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित मिलता है तो उसके संचालकों के खिलाफ उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम-2002 तथा संशोधित उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संचालकों पर अधिकतम एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। इसके अलावा आवश्यकतानुसार अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

डीआईओएस अजय कुमार ने पहले से पंजीकृत कोचिंग संस्थानों को भी सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों में अग्निशमन यंत्र पूरी तरह क्रियाशील हों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रखी जाएं। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य जिले में कोचिंग संस्थानों को नियमानुसार संचालित कराना, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है।