
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के सिधारी थाना क्षेत्र के हरबंशपुर निवासी एक व्यक्ति ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को प्रार्थना-पत्र देकर मूसेपुर चौकी इंचार्ज पर विपक्षियों से मिलीभगत कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और न्यायालय में विचाराधीन मुकदमे की पैरवी छोड़ने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई तथा अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। हरबंशपुर निवासी महेंद्र प्रसाद ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। उनकी गाटा संख्या-112 स्थित भूमि को लेकर दीवानी न्यायालय में वाद विचाराधीन है। उनका आरोप है कि विपक्षियों ने उनके पिता से कथित रूप से धोखे से एक नुमाइशी दस्तावेज तैयार करा लिया था, जिसके निरस्तीकरण के लिए न्यायालय में मुकदमा लंबित है। प्रार्थी के अनुसार, विवादित भूमि पर कराए जा रहे निर्माण की शिकायत आजमगढ़ विकास प्राधिकरण से की गई थी। शिकायत के बाद वर्ष 2020 में प्राधिकरण ने निर्माण ध्वस्त करने का आदेश पारित किया था। इसके बाद आयुक्त, आजमगढ़ मंडल ने भी विपक्षी की अपील खारिज कर दी। इसके बावजूद कथित रूप से विवादित भूमि का विक्रय कर दोबारा निर्माण शुरू करा दिया गया। विरोध करने पर विकास प्राधिकरण ने पुनः निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी किया। पीड़ित महेंद्र प्रसाद का आरोप है कि वर्तमान में विपक्षी और मूसेपुर चौकी इंचार्ज की मिलीभगत से उन्हें बार-बार चौकी बुलाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका कहना है कि उन पर न्यायालय में चल रहे मुकदमे की पैरवी छोड़ने और निर्माण कार्य में बाधा न डालने का दबाव बनाया जा रहा है। विरोध करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जा रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 28 जून 2026 को उन्हें फिर चौकी बुलाकर विपक्षियों के पक्ष में समझौता करने का दबाव बनाया गया। इस घटना के बाद से पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन-यापन करने को विवश है। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करने, विपक्षियों द्वारा बनाए जा रहे कथित दबाव को रोकने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
